कोटा. जम्मू कश्मीर के पुलवामा स्थित लेथपोरा में गुरुवार को सीआरपीएफ के काफिले पर हुए हमले में 40 जवान शहीद हो गए। कोटा के हेमराज मीना सहित  प्रदेश के 5 जवान भी शामिल है । सुबह से ही शहीद हेमराज मीना के घर श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा हुआ है हेमराज का  विनोद कलां गांव भारत माता की जय और हेमराज अमर रहे के नारों से गुंजायमान है ।

 हेमराज मीणा (43) सीआरपीएफ की 61वीं बटालियन में थे। वे 18 साल से फौज में थे। बड़े भाई रामबिलास ने बताया कि हेमराज नागपुर (महाराष्ट्र) में ट्रेनिंग पर गए हुए थे। वहां से लौटते वक्त इसी सोमवार रात को कुछ देर के लिए गांव आए थे और मंगलवार सुबह साढ़े 6 बजे गांव से रवाना होकर बुधवार को ही जम्मू-कश्मीर पहुंचे थे।

सीआरपीएफ के जम्मू कैम्प से रात 10 बजे के आसपास उनकी पत्नी मधु के पास कॉल आया जिसमें शहीद होने की सूचना दी गई। मधु ने शहीद के बुजुर्ग पिता को सदमा न लग जाए इसलिए रात भर सिंदूर नहीं मिटाया। इसकी जानकरी बड़े भाई रामविलास मीणा को पहले दी।

इधर पीएम मोदी की अध्यक्षता में सुरक्षा पर कैबिनेट कमेटी (सीसीएस) की अहम बैठक हुई। भारत ने इस हमले के तकरीबन 20 घंटे बाद पाकिस्तान के खिलाफ अहम फैसला लिया है। भारत ने पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन (MFN) का दर्जा छीन लिया है। भारत ने पाकिस्तान को 1999 में मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा दिया था। साथ भारत ने इंटरनेशनल कम्युनिटी में पाकिस्तान को अलग-थलग करने का फैसला भी लिया। इस बैठक में रक्षा, गृह, वित्त, विदेश मंत्रियों समेत राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल शामिल हुए थे।

 

 

 

कश्मीर में ही रोहिताश का दोस्त जब शंकरलाल शहीद हो गया था, तब रोहिताश ने उसे श्रद्धांजलि देते हुए लिखा था- अपने कर्तव्य के पथ पर फिदा वतन के इस सच्चे सपूत की शहादत को नमन…अपनी बटालियन में लोगों से उसकी अच्छी दोस्ती थी।  रोहिताश लांबा का जन्म 14 जून 1991 को गोविंदपुर बासड़ी गांव में हुआ था।  शिक्षा-दीक्षा बिलांदरपुर स्थित श्याम बाल मंदिर में हुई तथा 12वीं तक श्याम बाल मंदिर  विद्यालय। चिमनपुरा के सरकारी कॉलेज से – डिग्री प्राप्त की। रोहिताश लांबा का 2011 में सीआरपीएफ में चयन हुआ। गांव में युवाओं को भी वो लगातार प्रेरित करता रहा था। पड़ोसी डॉ. अनिल डांगी ने बताया- मैं उन्हें बड़ा भाई मानता था, वो हमेशा मुझे पढ़ने के लिए प्रेरित करते रहे। वे खुद भी फौज में जाने के लिए इतने अनुशासित थे कि उनके दैनिक जीवन का कोई भी काम मिस नहीं होता था। सच में वो हमेशा याद आएंगे। 5-6 हजार की आबादी वाला रोहिताश गांव उसकी शहादत पर गर्व कर रहा है।

 

 

जवान भागीरथ सिंह के परिजनों के अनुसार, उनकी शादी लगभग चार साल पहले
रंजना देवी के साथ हुई थी। भागीरथ दो दिन पहले अपने परिवार के साथ धौलपुर में छुट्टियां
बिताने के बाद जम्मू लौट आया था। उनकी मृत्यु की खबर सुनने के बाद, भागीरथ के पिता गहरे सदमे में चले गए और उनका इलाज चल रहा है। घटना को लेकर बच्चों का कोई सुराग नहीं है।जवान भागीरथ सिंह के परिजनों के अनुसार, उनकी शादी लगभग चार साल पहले रंजना देवी के साथ हुई थी। भागीरथ दो दिन पहले अपने परिवार के साथ धौलपुर में छुट्टियांबिताने के बाद जम्मू लौट आया था। उनकी मृत्यु की खबर सुनने के बाद, भागीरथ के पिता गहरे सदमे में चले गए और उनका इलाज चल रहा है। घटना को लेकरबच्चों का कोई सुराग नहीं है।

 

 

आतंकवादियों ने घात लगाकर किया हमला

सीआरपीएफ के जवानों पर गुरुवार शाम को अवंतिपोरा के गरीपोरा के पास घात लगाकर बैठे आतंकियों ने हमला बोला।
इस इलाके में हाईवे पर से गुजर रही बस में एक आतंकी विस्फोटकों से भरी गाड़ी लेकर घुस गया और इस ब्लास्ट में पूरी बस उड़ गई। फिर सीआरपीएफ जवानों के वाहनों पर फायरिंग भी की।

जैश के आतंकी आदिल अहमद उर्फ वकास कमांडो ने विस्फोटकों से भरी गाड़ी लेकर जवानों की बस को टक्कर मारी। पुलवामा के काकापोरा के रहने वाले आदिल ने 2018 में जैश ज्वाइन किया था।

इस हमले में 20 से ज्यादा जवान जख्मी भी हुए हैं। इस हमले के बाद जवानों को तुरंत श्रीनगर के हॉस्पिटल में शिफ्ट करने का काम शुरू कर दिया गया है।